सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग की सचिव श्रीमती शकुंतला डी. गैमलिन ने आज मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में भोपाल-सीहोर राजमार्ग से लगे शेरपुर गांव में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान की आधारशिला रखी। यह संस्थान देश में अपनी तरह का पहला होगा। केंद्र सरकार ने तीन साल की शुरुआती अवधि के लिए इस परियोजना के लिए 180 करोड़ रुपये के परिव्यय को मंजूरी दी है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अक्टूबर 2018 में इस संस्थान के लिए लगभग 25 एकड़ भूमि मुफ्त आवंटित की गई थी।

यह संस्थान एक एकीकृत बहु-विषयी पहुंच का उपयोग करके मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास को बढ़ावा देगा। साथ ही, मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास के क्षेत्र में क्षमता निर्माण करने और प्रशिक्षित पेशेवरों को शामिल करने और मानसिक बीमारी वाले व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए नीति और कार्यक्रम / मॉडल तैयार करने में सरकार की मदद करेगा। यह व्यावसायिक परामर्श, देखभाल, मनोरोग नर्सिंग, सामुदाय आधारित पुनर्वास, नैदानिक ​​मनोविज्ञान और मनोरोग सामाजिक कार्य आदि क्षेत्रों में सर्टिफिकेट पाठयक्रम से लेकर एम. फिल तक विभिन्न पाठ्यक्रम चलाएगा।

भवन का निर्माण कार्य केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग, भोपाल द्वारा किया जाएगा। निर्माण कार्य दो साल की अवधि के भीतर पूरा होने की उम्मीद है। निर्माण के चरण के दौरान संस्थान कुछ पाठ्यक्रम चलाएगा और कुछ सेवाओं के लिए अस्थायी आवास उपलब्ध करेगा। संस्थान का काम एक बार पूरी तरह शुरू हो जाने पर, यह मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास के क्षेत्र में एक विशेषज्ञ संस्थान के रूप में काम करेगा। इसके अलावा, मानसिक पुनर्वास के लिए विभिन्न मॉडल विकसित करेगा।

मध्य प्रदेश सरकार के सामाजिक न्याय विभाग के प्रधान सचिव श्री अशोक शाह, भारत सरकार के दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग की सयुक्त सचिव सुश्री डॉली चक्रवर्ती, केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता मो. कमाल अहमद, सीहोर के जिलाधिकारी श्री गणेश शंकर मिश्र और केन्द्रीय तथा राज्य सरकार के अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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