केन्‍द्रीय वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री श्री सुरेश प्रभु ने कहा कि समानता के साथ विकास के लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने के लिए महिला उद्यमियों को प्रोत्‍साहित करना आवश्‍यक है। श्री सुरेश प्रभु आज नई दिल्‍ली में एमएसएमई को खरीद और बाजार सुविधा का समर्थन देने पर आयोजित एक राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन तथा अन्‍तर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला नवोन्‍मेषकर्मी को लॉंच करने के अवसर पर सम्‍बोधित कर रहे थे।

वाणिज्‍य मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया में और खासकर विकासशील देशों में महिला उद्यमियों की संख्‍या बढ़ रही है। उन्‍होंने कहा कि महिलाएं जो भी करना चाहती हैं, इसके लिए उन्‍हें स्‍वतंत्रता दी जानी चाहिए।

श्री सुरेश प्रभु ने कहा कि सरकार ने महिला उद्यमियों के लिए कई कदम उठाये हैं। इन कदमों में प्रमुख हैं- महिलाओं को पुरस्‍कृत करना, ज्ञान और कौशल प्रदान करना, उद्यमों को सहायता प्रदान करना और महिला उद्यमियों को अंतर्राष्‍ट्रीय अवसरों की जानकारी देना। सरकार नीति निर्माण करने, नियमन करने तथा अन्‍य सहायता के उपाय करने के लिए प्रतिबद्ध है।

वाणिज्‍य मंत्री ने एक प्रमुख उपाय की चर्चा करते हुए कहा कि सरकार ने गवर्नमेंट ई-मार्केट(जीईएम) राष्‍ट्रीय खरीद पोर्टल की शुरूआत की है। अपनी स्‍थापना से लेकर अब तक पोर्टल को 19 हजार करोड़ रुपये मूल्‍य के 13 लाख खरीद आदेश प्राप्‍त हुए हैं। उन्‍होंने कहा कि जीईएम महिला उद्यमियों के लिए एक समर्पित खंड का शुभारंभ कर रहा है। श्री प्रभु ने कहा कि 103 हवाई अड्डों पर जीआई उत्‍पाद वाले जीआई स्‍टॉल होंगे। इनमें महिला कारीगरों द्वारा निर्मित उत्‍पादों को प्रमुख रूप से रखा जाएगा।

इस अवसर पर एमएसएमई मंत्रालय के सचिव डॉक्‍टर अरुण कुमार पांडा ने मंत्रालय के विभिन्‍न योजनाओं की जानकारी दी और एमएसएमई संघों से अनुरोध किया कि वे अपने सदस्‍यों को इन योजनाओं की विस्‍तृत जानकारी प्रदान करें। डॉक्‍टर पांडाने एमएसएमई क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री की 12 ऐतिहासिक घोषणाओं का जिक्र किया। उन्‍होंने कहा कि सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को कहा गया है कि वे अनिवार्य रूप से अपनी खरीद का 3 प्रतिशत महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्‍पादों से करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here