वाइस एडमिरल एम.ए. हम्पीहोली एवीएसएम एनएम ने आज, 27 मार्च, 2019 को महानिदेशक नौसैनिक प्रचालन (डीजीएनओ) का कार्यभार संभाल लिया। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से स्नातक हैं और वे 1 जुलाई, 1985 को भारतीय नौसेना की एग्जीक्यूटिव ब्रांच में शामिल हुए।

फ्लैग ऑफिसर को पनडुब्बी-रोधी युद्ध में विशेषज्ञता प्राप्त है और उन्होंने समुद्र में और जहाज पर महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया है। अपने करियर के शुरूआती वर्षों में उन्होंने भारतीय नौसेना के हिमगिरी, आग्रेय और गंगा पोतों में एएसडब्ल्यू विशेषज्ञ के रूप में सेवाएं प्रदान कीं और उसके बाद एएसडब्ल्यू स्कूल में निरीक्षक के पद पर तैनात रहे। उनकी जहाज पर कमान के कार्यकाल में आईएनएस नाशक (प्रक्षेपास्त्र पोत), आईएनएस मगर {लेंडिंग शिप टैंक (विशाल) }, आईएनएस तलवार (स्टेल्थ बेड़ा) और आईएनएस खुकरी (प्रक्षेपास्त्र लड़ाकू जलपोत) में सेकेंड कमान शामिल हैं। उन्होंने दो साल (2003 – 05) के लिए राष्ट्रीय तटरक्षक, मॉरिशस की कमान संभाली और वह नौसैनिक अकादमी के कमांडेंट और आईएनएस मंडोवी के कमांडिंग ऑफिसर भी रहे।

उनकी स्टॉफ नियुक्तियों में नौसेना मुख्यालय में कार्मिक निदेशालय में संयुक्त निदेशक के तौर पर नियुक्ति, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, पूर्वी नौसेना कमान के नौसेना सलाहकार, नेवल वार कॉलेज, मुम्बई में सीनियर डायरेक्टिंग स्टॉफ और नौसेना मुख्यालय में प्रिंसिपल डायरेक्टर स्टॉफ रिक्वायर्मेंट पद पर नियुक्ति शामिल है।

फरवरी, 2015 में रियर एडमिरल के पद पर पदोन्नत होने के बाद उन्हें अस्सिटेंट चीफ ऑफ पर्सनेल (मानव संसाधन विकास) और उसके बाद अक्टूबर, 2016 में फ्लैग ऑफिसर सी ट्रेनिंग नियुक्त किया गया। बाद में जनवरी, 2018 में उन्हें पश्चिमी बेड़े में फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग नियुक्त किया गया और उन्होंने वाइस एडमिरल के पद पर पदोन्नत होने पर महानिदेशक नौसैनिक प्रचालन के रूप में अपनी वर्तमान नियुक्ति से पूर्व सोर्ड आर्म की कमान संभाली।

एडमिरल डिफेंस सर्विस स्टॉफ कॉलेज, वेलिंग्टन और प्रतिष्ठित नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली से स्नातक हैं। उन्हें 2011 में नौसेना मेडल और 2019 में अति विशिष्ट सेना मेडल से सम्मानित किया गया।

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