कैबिनेट सचिव श्री पी.के. सिन्हा ने समुद्री चक्रवाती तूफान फानी से हुए नुकसान से निपटने के लिए संबंधित राज्यों ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश एवं केंद्रीय मंत्रालयों/एजेंसियों के साथ के चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत उपायों की आज समीक्षा की।

ओडिशा ने जानकारी दी कि पुरी, भुवनेश्वर और अन्य क्षेत्रों में दूरसंचार और बिजली के बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान हुआ है। हालांकि, पूर्व में किये गये सुरक्षा उपायों और बड़े पैमाने पर निकासी के कारण, मानव जीवन का नुकसान न्यूनतम रहा हैं। पश्चिम बंगाल ने चक्रवात के हल्के प्रभाव की सूचना दी जबकि आंध्र प्रदेश ने श्रीकाकुलम जिले में भारी वर्षा से फसलों और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी।

कैबिनेट सचिव ने विद्युत मंत्रालय और दूरसंचार विभाग को बिजली आपूर्ति की त्वरित बहाली के लिए बिजली के खंबों, बिजलीकर्मियों और डीजल जनरेटर सेट प्रदान करने के लिए ओडिशा सरकार की शीघ्र सहायता करने का निर्देश दिया। भुवनेश्वर को विद्युत आपूर्ति करने वाली पारेषण लाइन के आज बहाल हो जाने की उम्मीद है। दूरसंचार विभाग ने संकेत दिया है कि मोबाइल सेवाएं भी आज आंशिक रूप से बहाल हो जाएंगी। बुनियादी ढांचे के मामले में व्यापक नुकसान झेलने वाले रेलवे ने मुख्य रेल मार्ग को संचालन योग्य बना दिया है और मंत्रालय आज से डीजल संचालित इंजनों का उपयोग करते हुए रेल सेवा का परिचालन शुरू कर देगा। भुवनेश्वर के लिए उड़ानें भी आज दोपहर तक परिचालन शुरू कर देंगी। हालांकि बंदरगाहों और रिफाइनरी प्रतिष्ठानों को कोई नुकसान नहीं पहुँचा हैं। एनडीआरएफ ने ओडिशा में बचाव और राहत कार्य के लिए 16 अतिरिक्त टीमों को भेजा है और अधिकांश सड़कों पर गिरे वृक्षों और अन्य बाधाओं को हटा दिया गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने ओडिशा सरकार की सलाह के अनुरूप, 5 मई को ओडिशा में होने वाली नीट परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय लिया है। मंत्रालय किसी भी तरह की महामारी के प्रकोप को रोकने में राज्य सरकार की सहायता के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीमों को भी तूफान प्रभावित क्षेत्रों में भेज रहा है।

राहत प्रयासों की समीक्षा करते हुए, कैबिनेट सचिव ने केंद्रीय मंत्रालयों/एजेंसियों के अधिकारियों को ओडिशा सरकार के साथ निकट संपर्क बनाये रखने और सभी आवश्यक सहायता शीघ्र प्रदान करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्यों की अनुमानित आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भोजन, दवाओं, पेयजल और अन्य आवश्यक सामाग्री की पर्याप्त आपूर्ति को भी तत्परता से किया जाना चाहिए। रेलवे और नागरिक उड्डयन मंत्रालयों ने भी चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री के निःशुल्क परिवहन की व्यवस्था की है।

एनसीएमसी की बैठक में आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिवों/प्रधान सचिवों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भाग लिया। इसके अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, गृह, रक्षा, जहाजरानी, ​​नागरिक उड्डयन, रेलवे, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, बिजली, दूरसंचार, इस्पात, पेयजल और स्वच्छता, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य, मत्स्य पालन मंत्रालयों के प्रतिनिधियों के साथ आईएमडी,एनडीएमए और एनडीआरएफ ने भी इस बैठक में भाग लिया।

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