केंद्रीय नागर विमानन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री हरदीप सिंह पुरी ने आज नई दिल्‍ली के वसंत कुंज में हवाई यातायात आवाजाही प्रबंधन–केंद्रीय कमान केंद्र (यानी एयर ट्रैफिक फ्लो मैनेजमेंट- सेंट्रल कमांड सेंटर) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के अध्‍यक्ष, बोर्ड के सदस्‍य और एएआई के वरिष्‍ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

सी-एटीएफएम प्रणाली प्राथमिक रूप से क्षमता की कमी वाले प्रत्‍येक भारतीय हवाई अड्डे पर मांग के मुताबिक हवाई अड्डे, एयरस्‍पेस और विमान जैसे प्रमुख संसाधनों के सर्वोत्‍तम उपयोग के लिए क्षमता में संतुलन स्‍थापित करने के लिए बनाई गई थी।

सी-एटीएफएम प्रणाली एटीसी ऑटोमेशन सिस्‍टम, फ्लाइट अपडेट्स और फ्लाइट अपडेट संदेश जैसी विभिन्‍न उप प्रणालियों, उड़ान संबंधी आंकड़ों को एकीकृत करती है। यह प्रणाली हवाई अड्डे, एयरस्‍पेस और हवाई मार्गों की स्थिर जानकारी के साथ मौसम की सूचना भी उपलब्‍ध कराती है। यह प्रणाली मांग और क्षमता संबंधी सूचना को संसाधित करती है और सहयोगपूर्ण निर्णय लेने तथा भारत के प्रत्‍येक हवाई अड्डे पर यातायात की नियंत्रित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एटीएफएम आवाजाही प्रबंधक को निर्णय लेने संबंधी साधन उपलब्‍ध कराती है।

सी-एटीएफएम प्रणाली दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद सहित विभिन्न हवाई अड्डों पर 36 आवाजाही प्रबंधन पदों (एफएमपी) द्वारा समर्थित है। आठ रक्षा हवाई अड्डे भी एटीएफएम नेटवर्क का हिस्सा हैं, जिन्‍हें एफएमपी उपलब्‍ध हैं।

हवाई यातायात आवाजाही प्रबंधन प्रणाली के सफल कार्यान्‍वयन के बाद भारत अब अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, जापान, ब्राजील के बाद ऐसा करने वाला सातवां देश बन गया है।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के अध्यक्ष डॉ. गुरुप्रसाद महापात्रा, ने कहा, “केंद्रीय हवाई यातायात आवाजाही प्रबंधन परिसर के केंद्रीय कमान केंद्र के चालू होने के साथ हमने आज एक अच्‍छी शुरुआत की है। इस सुविधा के साथ, अगले पांच वर्षों में हम दुनिया के देशों द्वारा प्रस्‍तुत सर्वश्रेष्‍ठ सुविधाओं से अपनी तुलना कर सकेंगे।‘’

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